प्रधानमंत्री लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
प्रधानमंत्री लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शनिवार, 21 जुलाई 2012

ये वन-कोयला नहीं, वन-घोटाला है मौनी बाबा !


साल 2004- 2009 के बीच कोयला मंत्रालय ने, जो कि तब प्रधानमंत्री की देख-रेख में था, औने-पौने दामों पर सरकारी और निजी कंपनियों को कोयला खदानें बांट दीं। लीक हुई सीएजी रिपोर्ट के मुताबिक इस घोटाले से देश को 10. 67 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इस नुकसान में खनन के कारण जंगलों, जानवरों और जंगलों पर आजीविका के लिए निर्भर समुदायों का विनाश तक शामिल नहीं है। 
इस घोटाले के सामने आने के बावजूद मध्यप्रदेश के ‘महान’ क्षेत्र के वनों में कोयला खनन को अस्थायी मंजूरी दे दी गई है। अब मध्य भारत के दूसरे वनों का सफाया होने में भी ज्यादा वक्त नहीं लगेगा। सरकार वनों को बचाने के बजाए उन्हें गंवा रही है।
सबसे बड़ी बात कि तब तक सभी नई कोयला खदानों के आवंटन और वनों के खनन की मंजूरी पर रोक लगा देनी चाहिए, जबतक इस घोटाले की पूरी जांच नहीं हो जाती।  उन क्षेत्रों का साफतौर पर निर्धारण नहीं किया जाता जहां पर खनन नहीं किया जाना चहिये । 
 वेशक नई कोयला खदानों और वनों में खनन के आवंटन पर तब तक रोक लगा देनी चाहिए जब तक इस घोटाले की पूरी जांच नहीं होती और जिन क्षेत्रों में खनन नहीं होगा उनका निर्धारण तय नहीं हो जाता

शनिवार, 13 अगस्त 2011

अन्ना ने पीएम को चिठ्ठी लिख लताड़ा, कहा 15 अगस्त को झंडोतोलन का हक नहीं

अनशन के लिए दिल्ली पुलिस की गैरवाजिब शर्तों से नाराज अन्ना हजारे और उनकी टीम ने बंदिशों को मानने से इनकार कर दिया है। नाराज अन्ना ने इस बाबत प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को चिट्ठी लिखी है। अन्ना ने पीएम से इस मामले में दखल देने की मांग की है और कहा है कि उन्हें दिल्ली पुलिस की ऐसी शर्तें नामंजूर हैं।
अन्ना ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि संविधान में साफ लिखा है कि शांतिपूर्वक जमा होकर, बिना हथियारों के विरोध प्रदर्शन करना हमारा मौलिक अधिकार है। क्या आप और आपकी सरकार हमारे मौलिक अधिकारों का हनन नहीं कर रहे? जिन अधिकारों और आजादी के लिए हमारे क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों ने कुर्बानी दी, स्वतंत्रता दिवस के 2 दिन पहले क्या आप उसी आजादी को हमसे नहीं छीन रहे हैं? मैं सोच रहा हूं कि 65वें स्वतंत्रता दिवस पर आप क्या मुंह लेकर लाल किले पर ध्वज फहराएंगे?
अन्ना ने जंतर-मंतर पर उन्हें अनशन की इजाजत नहीं मिलने को भी गलत ठहराया और कहा कि जिस जेपी पार्क पर उन्हें अनशन की इजाजत दी गई उसकी भी 3 दिनों की हद तय कर दी गई है। अन्ना ने मनमोहन सिंह से चिट्ठी के जरिए सवाल किया है कि क्या भारत का प्रधानमंत्री उन्हें अनशन के लिए कोई जगह दिला सकता है?
क्या इन सबसे तानाशाही की गंध नहीं आती? क्या ये आपकी सरकार को शोभा देता है? लोग कहते हैं कि आपकी सरकार आजादी के बाद की सबसे भ्रष्ट सरकार है। लेकिन मेरा मानना है कि हर सरकार पहली सरकार से ज्यादा भ्रष्ट होती है। स्वामी रामदेव के समर्थकों पर आपकी सरकार ने लाठी चलवाई। पुणे में किसानों पर गोली चलवाई। हम आपको संविधान की आहुति नहीं देने देंगे। आपकी सरकार तो आज है, कल नहीं है। बड़े खेद की बात है कि आपके इन गलत कामों की वजह से ही अमेरिका हमारे लोकतंत्र में दखल दे रहा है।
अन्ना ने कहा कि पिछली बार जब उन्होंने अनशन किया था तो सरकार ने आश्वासन देकर उठवा दिया था। हमारे साथ धोखा हुआ। ऐसी धोखाधड़ी होगी ये हमको पता नहीं था। हमने सरकार पर विश्वास किया और उसका खामियाजा भुगता। अन्ना ने कहा कि तीन दिन बाद जो होगा देखा जाएगा। हम 16 अगस्त से जेपी पार्क में अनशन करेंगे। सरकार ने रोका तो जेल में ही अनशन होगा। अन्ना ने कहा कि जेपी पार्क सरकार के बाप की संपत्ति नहीं है। देश युवाओं से कुर्बानी मांग रहा है। युवा तैयार हो जाएं।
अन्ना की इस चिट्ठी पर कांग्रेस ने भी तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की है। कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा कि अन्ना अगर जेल जाना चाहते हैं तो जाएं लेकिन वो सरकार को ब्लैकमेल क्यों कर रहे हैं।

गुरुवार, 11 अगस्त 2011

जबरन खाना दिया तो अन्ना हजारे पानी भी न पीय़ेंगें

देश से भ्रष्टाचार के खत्म करने का बीड़ा उठाए अन्ना हजारे ने कहा है की अगर अन्ना को गिरफ्तार किया गया या जबरन खाना देने की कोशिश की गई तो वह पानी पीना भी छोड देंगे । 
उल्लेखनीय है की हजारे को लोकपाल विधेयक के विरोध में किए जाने वाले अनशन के लिए पुलिस की ओर से उपलब्ध कराई गई जगह से हजारे का दल संतुष्ट है। दिल्ली पुलिस ने बुधवार रात हजारे को फिरोज शाह कोटला मैदान से लगे जय प्रकाश नारायण पार्क में अनशन करने का प्रस्ताव दिया था। आज टीम अन्ना के कोर ग्रुप की बैठक हुई है जिसके बाद यह स्पष्ट हो गया है की टीम अन्ना में कोई मतभेद नहीं हैं और न संतोष हेग़डे किसी मुद्दे पर नाराज हैं। 
ज्ञात रहे, अग्निवेश ने बुधवार को लोकपाल में प्रधानमंत्री और न्यायपालिका को लाने के मुद्दे पर लचीला रूख अपनाने की संभावना व्यक्त की थी,लेकिन केजरीवाल ने ऎसी किसी भी संभावना को खारिज कर दिया, जिसके बाद कहा जा रहा था कि दोनों के बीच कुछ मतभेद है।

सोमवार, 8 अगस्त 2011

सभी घोटालों के लिए प्रधानमंत्री जिम्मेदारः करात

2जी स्पेक्ट्रम आवंटन और केजी बेसिन घोटालों पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को घेरते हुए माक्र्सनवदी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव प्रकाश ने कहा है कि प्रधानमंत्री को इस घोटालों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। करात ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति ईमानदार है, इसका मतलब यह नहीं कि उसकी कैबिनेट जो करती है, उसकी जिम्मेदारी से वह अलग है। उन्होंने कहा कि 2जी और केजी बेसिन दोनों मामलों से प्रधानमंत्री पूरी तरह वाकिफ थे लेकिन उन्होंने गलत कार्यो को नहीं रोका। लिहाजा सभी घोटालों के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जिम्मेदारी है।

रविवार, 7 अगस्त 2011

असहाय व असुरक्षित है भारत :रवि शंकर प्रसाद

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव व मुख्य प्रवक्ता रवि शंकर प्रसाद ने कहा है कि डा. मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्रित्व काल में भारत असहाय व असुरक्षित हो गया है। भ्रष्टाचार का रिकार्ड कायम हुआ है तो मंहगाई रोकने में अर्थशास्त्री प्रधानमंत्री नाकाम रहे हैं। पार्टी के प्रशिक्षण वर्ग में हिस्सा लेने शनिवार को नवादा पहुंचे श्री प्रसाद पूर्व जिलाध्यक्ष प्रो.विजय कुमार सिन्हा के आवास पर संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ईमानदार प्रधानमंत्री के कार्यकाल में 1.76 लाख करोड़ का 2जी और 70 हजार करोड़ का घोटाला राष्ट्र मंडल खेलों के आयोजन पर हुआ। राष्ट्रमंडल खेल पर कैग की रिपोर्ट में दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित पर गंभीर आरोप लगे हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय पर भी आंच है। पिछले एक साल से येदियुरप्पा से इस्तीफा मांगने वाली कांग्रेस आज शीला के मामले पर खामोश है। उन्होंने कहा कि संसद के अंदर बाहर विपक्ष का विरोध, मीडिया व सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप नहीं होता तो घोटालों पर सरकार स्तर से कार्रवाई नहीं होती। केंद्र सरकार की जमकर आलोचना करते हुए कहा कि आज देश असुरक्षित है। देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई, राजनीतिक राजधानी दिल्ली, आध्यात्मिक राजधानी वाराणसी, वैज्ञानिक राजधानी बंगलोर को आतंकी निशाना बनाया जा रहा है। यह सब पाकिस्तान प्रायोजित है। लेकिन वोट बैंक के डर से अफजल गुरू जैसे सजायाफ्ता
आतंकियों को फांसी नहीं दी जा रही है। लोकपाल कानून की चर्चा करते हुए कहा कि पार्टी प्रधानमंत्री को भी इसके दायरे में लाने की पक्षधर है। बिहार के मामले पर कहा पूर्ववर्ती सरकार से बेहतर काम हो रहे हैं। लालू-पासवान के बारे में कहा अबतक कांग्रेस के साथ हैं। दोनों को बोलने का अधिकार नहीं है। एक सवाल पर कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता विचारधारा के साथ हैं। इस दौरान उनके साथ पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सुधीर शर्मा भी मौजूद थे।
भ्रष्टाचार मिटाने के लिये संकल्पित  उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि हमारी सरकार की नीति व नियत ठीक है। सूबे में काम हो रहा है, लेकिन छह साल में सबकुछ ठीक हो गया यह दावा हम नहीं करते। भाजपा प्रशिक्षण वर्ग में भाग लेने शुक्रवार की देर शाम नवादा पहुंचे श्रीमोदी शनिवार की सुबह भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय मंत्री रेणु सिन्हा के आवास पर पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने लोकपाल बिल की चर्चा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को इसके दायरे में आना चाहिए। भारत के संविधान में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1986 के अंतर्गत प्रधानमंत्री के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो सकता है। जब पूर्व से ही संवैधानिक व्यवस्था है तब लोकपाल से पीछे हटने से गलत संदेश जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री फिलहाल लोकायुक्त के दायरे में नहीं हैं। लेकिन अब इसमें संशोधन पर सरकार विचार कर रही है। राज्य में भ्रष्टाचार रोकने के लिये ही सेवा का अधिकार कानून बनाया गया है। भ्रष्ट लोक सेवकों की संपत्ति जब्त करने के लिये कानून बनाये गये है। लोक सेवकों के साथ ही मंत्रियों की संपत्ति सार्वजनिक की गयी है। अन्य राज्य यहां के प्रयोगों को अपना रही है। इंदिरा आवास में भ्रष्टाचार का खत्म करने के लिये शिविर लगाये जा रहे हैं। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में रजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं से सहयोग करने व भ्रष्टाचारियों को पकड़वाने की अपील की। मौके पर विधायक कन्हैया रजवार, अनिल सिंह, केदार सिंह, जिलाध्यक्ष विरेंद्र सिंह, नंदकिशोर चौरसिया सहित पार्टी के कई नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे।
संवाददाताः दिलीप कुमार गुप्ता