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मंगलवार, 9 अगस्त 2011

पुणेः पुलिस फाइरिंग में 4 किसानों की मौत

महाराष्ट्र के पुणे में पाइपलाइन के लिए जमीन अधिग्रहण का विरोध कर रहे किसानों पर पुलिस की फायरिंग में चार किसानों की मौत हो गई, जबकि दर्जन भर घायल हो गए। उग्र किसानों ने पुलिस की गाड़ियों पर पथराव किया। इसमें छह पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं।
पुलिस कंट्रोल रूम के एक अधिकारी के अनुसार हजारों किसानों ने पुराने मुंबई-पुणे मार्ग और नए मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे को जाम कर दिया। इससे दोनों सड़कों पर गाड़ियों की 10 किलोमीटर लंबी लाइन लग गई।
पुलिस ने जब मावल उप जिले के बाहुर गांव से होकर गुजरने वाली सड़क पर बैठे प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की, तो उनमें से कुछ ने पुलिस की गाड़ियों पर पथराव शुरू कर दिया। उग्र लोगों ने सुरक्षाकर्मियों पर हमला बोल दिया। इसमें कम से कम छह सुरक्षाकर्मी घायल हो गए।
शुरुआत में पुलिस ने हवाई फायरिंग कर भीड़ को हटाना चाहा, लेकिन जब हालात काबू में नहीं किए जा सके तो पुलिस को भीड़ पर गोली चलानी पड़ी। इसमें तीन लोगों की मौत हो गई।

देश एक बार फिर आपातकाल की ओर.......

अन्ना हजारे की मशाल यात्रा पर मुंबई पुलिस ने रोक लगा दी. मशाल यात्रा का रथ भी जब्त कर लिया गया है। इससे लोग वहां काफी गुस्से में हैं। स्थिति भयावह मोड़ ले सकती है।पुलिसिया कार्रवाई के विरुद्ध अन्ना समर्थकों ने भी हर स्थिति से निपटने के लिए व्यापक तैयारी कर रखी है।
उधर,दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के इस्तीफे की मांग को लेकर  बीजेपी की युवा ब्रिगेड ने जंतर-मंतर पर उग्र विरोध प्रदर्शन किया। बेकाबू होते प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने जमकर लाठियां बरसाईं और पानी की बौछारें छोड़ीं। इसमें 60 से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है।

शनिवार, 6 अगस्त 2011

आरक्षण फिल्म के निर्माता प्रकाश झा के घर-दफ्तर पर हमला

फिल्मकार प्रकाश झा ने कहा है कि रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के कार्यकर्ताओं ने उनकी सामाजिक-राजनीतिक फिल्म 'आरक्षण' के विरोध में उनके घर और दफ्तर पर हमला किया। यह फिल्म भारतीय शिक्षा प्रणाली में जातिगत आरक्षण पर आधारित है।
झा
के अनुसार "आरपीआई कार्यकर्ताओं ने यह हमला शनिवार की शाम लगभग 5.30बजे किया। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और कार्यकर्ताओं को वहां से खदेड़ दिया।"
आरपीआई प्रमुख रामदास अठावले ने इससे पहले कहा था कि उनकी पार्टी झा की फिल्म को महाराष्ट्र के सिनेमाघरों में प्रदर्शित नहीं होने देगी क्योंकि इस फिल्म में
'दलित विरोधी' घटनाएं हैं।
इसके अलावा नेशनल कमिशन ऑफ शिड्यूल कास्ट (एनसीएससी) ने भी इस फिल्म को
'दलित विरोधी' करार दिया था। एनसीएससी ने यहां तक कहा था कि झा इस फिल्म को 12 अगस्त को प्रदर्शित करने से पहले उसकी एक समिति को दिखाएं। लेकिन झा शांत रहे।
झा अपनी फिल्म के प्रोमोशन के लिए फिल्म के नायक अमिताभ बच्चन और अन्य कलाकारों के साथ इस समय दिल्ली में हैं। वह हालांकि अपने घर और दफ्तर पर हमले से हुई क्षति से अनभिज्ञ हैं। उन्होंने कहा
, "मुझे अभी तक क्षति के बारे में पता नहीं चला है।"
उल्लेखनीय है कि
'आरक्षण' में सैफ अली खान, दीपिका पादुकोण, मनोज वाजपेयी और प्रतीक बब्बर ने भी अभिनय किया है।

“आरक्षण ” को लेकर अमिताभ बच्चन और प्रकाश झा पर मुकदमा !!


पटना । अमिताभ बच्चन की बहुचर्चित फिल्म आरक्षण के विरोध की हवा महाराष्ट्र, यूपी से होकर बिहार पहुंच गई है। बिहार विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी के छोटे भाई व अंबेडकरवादी समाज विकास परिषद के सचिव अभितेष उर्फ अभय कुमार चौधरी ने अमिताभ बच्चन और प्रकाश झा के खिलाफ अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण एक्ट-1989 की धारा-3(10) के तहत परिवाद पत्र दायर किया।   
राज्य के ऊंचे ओहदेदार के भाई बताए जा रहे अभितेष चौधरी ने परिवाद पत्र में फिल्म को आरक्षण विरोधी बताते हुए कहा है कि इससे अंबेडकरवादी समाज विकास परिषद के सदस्याओं के अलावा हजारों-लाखों लोग आहत हुए हैं। परिवाद पत्र में फिल्म के एक संवाद -‘हम मेरिट में विश्वास रखते हैं आरक्षण में नहीं’ पर आपत्ति जताई गई है। परिवादी ने फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने के साथ मामले को अनुसूचित थाने में दर्ज कराने की मांग की है। मामले की सुनवाई 9 अगस्त को होगी। 
फिल्म के प्रमोशन पर आपत्ति :
परिवाद पत्र में तीन अगस्त को पटना के पीएंडएम मॉल में हुए प्रमोशनल कैंपेन का जिक्र करते हुए बताया गया है कि फिल्म के मुख्य किरदार अमिताभ बच्चन और निर्माता-निर्देशक प्रकाश झा ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए लोगों को फिल्म देखने का आग्रह किया। परिवाद में यूपी की मायावती सरकार द्वारा फिल्म के प्रचार-प्रसार की अनुमति नहीं देने और महाराष्ट्र के घटनाक्रम का भी हवाला दिया गया है।
प्रोमो से हो रहे अपमानित :
केस की पैरवी कर रहीं अधिवक्ता श्रुति सिंह ने बताया कि हाल के दिनों में काफी स्थानों पर फिल्म के प्रोमो दिखाए जा रहे हैं जिससे अनुसूचित जाति के लोग लगातार अपमानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने आरक्षण फिल्म के निर्माण में धन लगाने से लेकर प्रचार-प्रसार करने वाले सभी लोगों को दोषी बताया है।