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सोमवार, 15 अगस्त 2011

सन्मार्ग से बैजनाथ मिश्र की छुट्टी! रजत गुप्ता की वापसी!

रांची से प्रकाशित हिंदी दैनिक सन्मार्ग से वरिष्ठ पत्रकार श्री बैजनाथ मिश्र (हाल ही में राज्य सूचना आयुक्त के पद से सेवानिवृत हुए) की विदाई हो गई है। वे पिछले पखवारे ही इस अखबार के पीआरबी अधिनियम के तहत समाचारों के लिए जिम्मेवार(!) प्रधान संपादक बनाये गए थे। श्री मिश्र के सन्मार्ग जैसै छोटे अखबार से इतनी जल्दी विदाई की किसी ने कल्पना भी न की होगी। अखबार के आज 15 अगस्त के प्रिंट लाइन के अनुसार रजत कुमार गुप्ता संपादक पद पर वापस लौट आए हैं और अखबार के मुद्रक-प्रकाशक प्रेम ने भी संपादक पद छोड़ दिया है।
हिंदी दैनिक सन्मार्ग में अचानक हुए इस फेरबदल से झारखंड की पत्रकारिता में सनसनी फैल गई है। लोग तरह-तरह की अटकलें लगा रहे हैं।हालांकि अखबार से कुछ लोग इसे प्रिंटिंग मिस्टेक बता रहे हैं,लेकिन संपादकीय पेज पर प्रिंट लाइन में ऐसी गलतियां संभव नहीं है।

मंगलवार, 9 अगस्त 2011

झारखंडी पत्रकारिता के बाबा की निगरानी के बाद भी दैनिक सन्मार्ग की ये हालत!

हाल ही में राज्य सूचना आयुक्त के पद से सेवा निवृत हुए वरिष्ठ पत्रकार बैजनाथ मिश्र झारखंड की पत्रकारिता के बाबा कहे जाते हैं।उनकी मांग का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने अपनी सेवानिवृति के दूसरे दिन ही रांची से प्रकाशित दैनिक सन्मार्ग के प्रधान संपादक बन गए।लोगों को उनसे काफी उम्मीदें थी,लेकिन अखबार की हालत सुधरने के बजाय और बिगड़ती जा रही है।इसका एक ताजा बानगी आप देख सकते हैं कि संपादकीय पेज पर प्रसुन्न वाजपेयी जी के शीर्ष आलेख का शीर्षक क्या है।ऐसी गलतियां अखबार के सभी पृष्ठों पर नित्य दिन बहुतयात देखने को मिल रहे हैं।
इस अखबार के संपादक हैं..पत्रकारिता से कोसों दूर प्रेम उर्फ प्रेमशंकरण,जो पेशे से बिल्डर व्यवसायी हैं।इस अखबार में एक बात और काबिलेगौर दिख रही है कि प्रिंट लाइन में संपादक के बजाय प्रधान संपादक महोदय पीआरबी अधिनियम के तहत खबरों के चयन के जिम्मेवार बताये गए हैं।