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सोमवार, 8 अगस्त 2011

झारखंड के पूर्व स्वास्थ्य सचिव प्रदीप कुमार को जेल

झारखंड के पूर्व स्वास्थ्य सचिव प्रदीप कुमार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने जेल भेज दिया है।
पिछले
हफ्ते झारखंड हाई कोर्ट ने प्रदीप कुमार की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसी मामले में राज्य के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री भानु प्रताप शाही और एक अन्य स्वास्थ्य सचिव सियाराम पहले ही जेल में हैं।
कोर्ट
ने पिछले हफ्ते शाही और प्रदीप कुमार की सम्पत्तियों को जब्त करने का आदेश दिया था। शाही ने शनिवार को सीबीआई की विशेष अदालत में आत्मसमर्पण किया था, जबकि सियाराम प्रसाद को मई में सीबीआई ने गिरफ्तार किया था।
सीबीआई
के अनुसार 130 करोड़ रुपये के इस दवा घोटाले में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा मिशन (एनएचआरएम) के तहत मिले धन का दुरुपयोग किया है। शाही और पूर्व मुख्य सचिवों ने 2008-09 के दौरान ऊंची कीमत पर दवाएं, वाहन और स्वास्थ्य उपकरण चुनिंदा 19 कंपनियों से खरीदकर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया है।

शनिवार, 6 अगस्त 2011

अब संसद में गुंजा तत्काल टिकट आरक्षण घोटाला

संसद में पेश की गई कैग की रिपोर्ट में कहा गया है कि जिन जरूरतमंद यात्रियों के लिए रेलवे ने तत्काल टिकट आरक्षण प्रणाली योजना दिसम्बर 1987 में शुरू की थी, वे इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं, क्योंकि यह बुकिंग क्लर्को और एजेंटों के छलकपट की गिरफ्त में है। महालेखाकार ने भारतीय रेलवे की कम्प्यूटराइज्ड तत्काल और अग्रिम आरक्षण सुविधा की जांच करने पर यह पाया कि जरूरतमंद यात्रियों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि तत्काल कोटे का टिकट कर्मचारियों की मेहरबानी से एक मिनट के अन्दर एजेंटों के पास पहुंच जाता है। सीएजी की रिपोर्ट पेश करने के बाद डिप्टी सीएजी अरविन्द कुमार अवस्थी ने बताया कि तत्काल कोटे के टिकट बेचने में रिजर्वेशन काउंटर और इंटरनेट दोनों जगह गडबडी हो रही है। इस समय यात्रा से दो दिन पहले तत्काल का टिकट सुबह आठ बजे बिकना शुरू होता है।

गुरुवार, 4 अगस्त 2011

बढ़ता जा रहा है सरकारी अनाज घोटाला का दायरा


@दिलीप कुमार गुप्ता
बिहारशरीफ: अनाज घोटाला मामले में जांच का दायरा बढ़ता ही जा रहा है। जिलाधिकारी जय सिंह स्वयं जांच रिपोर्ट का अध्ययन कर रिपोर्ट में खामियां निकालकर कमजोर कड़ी जोड़ने के अभियान में जुट गये हैं।
इधर एसपी जितेन्द्र राणा भी अनाज घोटाले से संबंधित दर्ज प्राथमिकी पर तेजी से काम करना शुरू कर दिया है। नामजद अभियुक्त वेयर हाउस के पूर्व प्रभारी अवधेश सिंह की गिरफ्तारी के आदेश के बाद पुलिस को अनुसंधान के दौरान अनाज घोटाले में मिलर व वर्तमान व पूर्व के ट्रांसपोर्टर की भूमिका संदेह के घेरे में है। 
वकौल एसपी अनाज घोटाले में लिप्त लोक सेवक व लोगों को सामने लाया जायेगा। इधर जिलाधिकारी के निर्देश पर बुधवार को एसडीओ अमरेश कुमार अमर, डीएसओ अरशद अजीज, शहरी क्षेत्र के एम.ओ. उमेश चन्द्र, उपाध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों ने एफ.सी.आई. एवं वेयर हाउस का रुख कर कई बिन्दुओं पर जांच की। जांच दल एक-एक कड़ी को जोड़ रही है। किस एजेंसी का क्या कर्तव्य था और उस एजेंसी ने अपने कर्तव्यों का निर्वह्न किया कि नहीं इसकी सघन जांच हो रही है। मिलर पर शिकंजा कसने को अग्रसर पुलिस अपने अगले कदम की ओर भी बढ़ना शुरू कर दिया है।
एसपी ने संकेत दिया है कि अगले तीन-चार दिन में डीपो के पूर्व प्रभारी अवधेश सिंह पर मुकदमा दर्ज कराने वाले राज्य भंडार निगम (पटना) के सहायक अधीक्षक व एस.एफ.सी. के प्रबंधक से पुन: पूछताछ होगी। इन पर समय रहते मुकदमा दर्ज नहीं कराने एवं जवाबदेही का निर्वहन नहीं करने का आरोप है। बहरहाल अनाज घोटाला में हर दिन कुछ न कुछ नया मिल रहा है।