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मंगलवार, 23 अगस्त 2011

हिरण्य पर्वत पर ही तथागत ने किया था अंतिम वर्षावास

दिलीप कुमार गुप्ता
नालंदा : उदंतपुरी, जिसे आज लोग बिहारशरीफ के नाम से जानते हैं। यहां स्थित बड़ी पहाड़ी नाम से परिचित हिरण्य पर्वत का समृद्ध इतिहास रहा है। भगवान बुद्ध ने अपना अंतिम वर्षावास इसी पर्वत पर किया था। लेकिन इस पहाड़ी पर बुद्ध से जुड़ी कोई भी स्मृति नहीं है। उत्सुकता से लबरेज बौद्ध भिक्षु यहां आते तो हैं लेकिन पहाड़ी पर मंदिर व मस्जिद के दर्शन कर लौट जाते हैं। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए पहाड़ी पर पार्क, जिम, अतिथिशाला, यात्री शेड, पहुंच पथ एवं सीढि़यों का निर्माण हाल के वर्षो में कराया गया है। इतिहास के जानकार योगेन्द्र मिश्र एवं गदाधर प्रसाद अम्बष्ट के अनुसार भगवान बुद्ध के अंतिम वर्षावास का स्थान बिहारशरीफ की पहाड़ी ही थी। चीनी यात्री फाह्यान और ह्वेनसांग के यात्रा वृतांत में लिखा है कि राजगीर और गंगा के मध्य निर्जन पहाड़ी पर बुद्ध ने सन् 487-488 ई.पूर्व वर्षावास किया था। यह पहाड़ी उदंतपुरी नगर में अवस्थित थी। जिसे लोग पाश्‌र्र्ववती पहाड़ी कहते हैं। ह्वेनसांग ने यहां की अवलोकितेश्वर बुद्ध की चन्दन निर्मित छोटी व अत्यंत सुन्दर प्रतिमा का वर्णन किया है। इस प्रतिमा का लंका के राजा ने स्वप्न में दर्शन किया था और पता लगाते हुए यहां आ पहुंचा। उसने प्रतिमा की षोडसोप नामक चार पूजा भी की थी, जिसका ह्वेनसांग ने विस्तृत विवरण दिया है। पहाड़ी पर साम्ये विहार बना था, जहां बुद्ध ने वर्षावास किया था। इतिहास के जानकार बताते हैं कि राजगीर से पैदल चलकर भगवान बुद्ध उदंतपुरी (बिहारशरीफ) पहुंचे थे। 743 ईश्वी में तिब्बत के राजा खि-श्रान-डिड-प्सन के निमंत्रण पर बौद्ध पंडित शांति रक्षित इसी 'साम्ये विहार' का माडल तिब्बत ले गये थे। तिब्बत में 749 ई. में 'साम्ये विहार' का निर्माण पूर्ण हुआ। इसी विहार के माध्यम से तिब्बत में अवलोकितेश्वर स्वरूप की पूजा प्रारम्भ हुई और तिब्बत बौद्ध धर्म प्रधान देश के रूप में जाना जाने लगा। इस तरह तिब्बत को उसका राजधर्म देने का गौरव उदंतपुरी (बिहारशरीफ) को प्राप्त है।
बताते चलें कि 750 ई. में उदंतपुरी पर बख्तियार खिलजी ने कब्जा किया तो हिरण्य पर्वत पर बने बौद्ध विहार को ध्वस्त कर दिया। इसके बाद 1353 ई. में शासक मल्लिक इब्राहिम बयां की मृत्यु हुई तो उसे पहाड़ी पर दफनाया गया और भव्य मकबरे का निर्माण कराया गया, जो आज भी विद्यमान है।
बुद्ध सर्किट से जल्द जुडे़गी बड़ी पहाड़ीः डीएम
जिलाधिकारी संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि बड़ी पहाड़ी को जल्द ही बुद्ध सर्किट से जोड़ने का प्रयास किया जायेगा। इसके लिए लिखा-पढ़ी शुरू कर दी गयी है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन सरकार की मदद से भगवान बुद्ध से जुडे़ गुमनाम स्थलों की खोज करा रहा है। राजगीर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने कई दिशा-निर्देश दिये थे। उसी के आलोक में दो शोध संस्थानों को भगवान बुद्ध से जुडे़ स्थलों की जानकारी इकट्ठा करने की जिम्मेदारी दी गयी थी। हिरण्य पर्वत बड़ी पहाड़ी पर भगवान बुद्ध के अंतिम वर्षावास किये जाने का विवरण चीनी यात्री ह्वेनसांग व फाहियान के यात्रा वृतांत में मिला है। उसी के मद्देनजर पर्यटकों के लिहाज से हिरण्य पर्वत को विकसित किया गया है।

दिवंगत के परिजन से मिले नीतीश,ली ग्रमीणों की सुध

हमारे संवाददाता
नालंदाः मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को अस्थावां प्रखंड के अकबरपुर गांव पहुंचकर दिवंगत सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश प्रसाद के चित्र पर माल्यार्पण किया। इस दौरान वे दिवंगत के परिजनों से मिलकर दुख बांटे। दिवंगत के विकलांग पुत्र नागेश्वर प्रसाद उर्फ नागो से भेंट की। पुत्र वधू कंचन सिन्हा से भी क्षेत्र एवं परिवार का हाल-चाल लिया। उनके साथ जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी थे। सीएम ने गांव में करीब 25 मिनट बिताया। ग्रामीणों ने वर्षो से बिजली और सड़क बदहाल रहने की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने बिजली समस्या को लेकर विद्युत बोर्ड के अध्यक्ष को मोबाइल पर वहीं से तलब करते हुए बलवापर (अस्थावां) स्थित विद्युत सब केन्द्र को व्यवस्थित कर इससे जुडे़ गांवों में बिजली पहुंचाने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री पहले से अस्थावां क्षेत्र की जनभावना से अवगत दिखे। यही कारण है कि उन्होंने वहीं पर मौजूद विधायक डा. जितेन्द्र कुमार पर चुटकी लेते हुए उन्हें जनता के प्रति कर्तव्य का बोध कराया। इस मौके पर सत्तापक्ष के मुख्य सचेतक श्रवण कुमार, इसलामपुर विधायक राजीव रंजन, जदयू के वरिष्ठ नेता असगर शमीम, प्रदेश महासचिव डा. विपिन कुमार यादव, जिलाध्यक्ष सियाशरण ठाकुर, प्रवक्ता संजय कांत सिन्हा, महिला प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अनीता सिंह, अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष विपिन चन्द्रवंशी, रमेश कुमार नीरज, कौशलेन्द्र उर्फ छोटे मुखिया, प्रो. अशोक सिंह, अजीत कुमार, मुखिया शंभू शरण, उप मेयर नदीम जफर उर्फ गुलरेज, वरुण सिंह, चन्द्रकिरण, युवाध्यक्ष उपेन्द्र कुमार विभूति, अमरेन्द्र मुन्ना, आफताब आलम, जदयू के वरिष्ठ नेता प्रमोद नारायण सिंह, उप प्रमुख गिरिश चन्द्र सिंह, जिप सदस्य कंचन माला, बाबर मलिक, डा. वीरेश कुमार, पंकज कुमार, मुन्ना सिद्धिकी, वरुण सिंह उपस्थित थे।

शुक्रवार, 19 अगस्त 2011

नालंदा जिले में नहीं थम रहा खाद्यान्न घोटाले का दौर

84 हजार क्विंटल खाद्यान्न डीलरों के पास रह गये बाकी
बिहारशरीफ (नालंदा) : जिले में खाद्यान्न घोटाले से जुड़े मामलों के उजागर होने का जो सिलसिला पिछले दिनों शुरू हुआ था, वह थमने का नाम नहीं ले रहा है. इसी कड़ी में एक और बड़ा मामला प्रकाश में आया है. हाल में मनरेगा की विशेष ऑडिट के दौरान यह तथ्य उभर कर आया कि संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के तहत मजदूरी के रूप में वितरण के लिए दिये गये 84 हजार क्विंटल अनाज डीलरों के पास ही बाकी रह गये. इस अनाज की वसूली के लिए न ही सरकारी स्तर पर कोई प्रयास किया गया और न ही डीलरों ने इसे वापस लौटाया.
ऑडिट रिपोर्ट के बाद नींद से जागी सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन खाद्यान्न की कीमत एकमुश्त जमा कराने के लिए बकायेदार 245 डीलरों को बकाया अनाज की कीमत 1370 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से एक सप्ताह के अंदर जमा कराने का आदेश दिया. जिले के कुल 303 में से 245 डीलरों के पास अवशेष खाद्यान्न बाकी है. इनमें से 57 डीलरों के पास चार लाख रुपये से अधिक के बकाया का आकलन किया गया है.
वर्ष 2002-03 से 2006-07 के बीच संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के तहत मजदूरों के बीच मजदूरी के एवज खाद्यान्न देने के लिए डीलरों को उक्त अनाज उपलब्ध कराया गया था. 2006-07 में इस योजना को बदल कर राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना कर दिया गया तथा अनाज की जगह पूरी मजदूरी नगद भुगतान करने का प्रावधान किया गया. इसके बाद से डीलरों के पास अवशेष खाद्यान्न बाकी रह गये.
हाइकोर्ट ने दी डीलरों को राहत खाद्यान्न की कीमत डीलरों से सख्ती से वसूलने तथा नोटिस में दी गयी अवधि तक राशि नहीं जमा करानेवालों पर प्राथमिकी दर्ज कराने के प्रशासन के मंसूबे पर हाइकोर्ट ने पानी फेर दिया.
हाइकोर्ट ने कई डीलरों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद आदेश दिया कि डीलरों से दो माह में 1000 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बकाया खाद्यान्न की कुल कीमत का 20 फीसदी राशि जमा कराया जाये. इसके बाद नये सिरे से हाइकोर्ट के आदेश के अनुसार डीलरों को नोटिस भेजे जा रहे हैं।
-दिलीप कुमार गुप्ता

बिहारशरीफ में घुसा पंचाने नदी का पानी,नालंदा जिले में बाढ़ की स्थिति


बिहारशरीफ में लगातार हो रही बारिश से जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पंचाने नदी का पानी शहर के पश्चिमी इलाके में बसे कई मुहल्ले में घुस गया है। वर्षा का पानी जिलाधिकारी, आरक्षी अधीक्षक, एसडीओ, सिविल सर्जन, जिला जज एवं कई वरीय पदाधिकारी के घरों में घुसा है। जिले के लोकाइन, सुढ़ी, भूतही, मुहाने, पैमार, पंचाने, सकरी, गोइठवा एवं जिराइन नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। कई मुहल्ले जलमग्न, सभी नदियां खतरे के निशान से ऊपर डीएम-एसपी आवास में टेहुना भर पानी, पदाधिकारी परेशान रेलवे ट्रैक व राजमार्ग को छूने के लिए उफन रहीं नदियां गुरुवार को डीएम व एसपी के आवास से वर्षा का पानी निकालने के लिए दिनभर मजदूर मशक्कत करते रहे, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। जिलाधिकारी संजय कुमार अग्रवाल ने शहर के बाढ़ प्रभावित कई इलाके का दौरा किया और पदाधिकारियों को कई दिशा-निर्देश दिये। उनके साथ डीडीसी जय सिंह, एसडीओ अमरेश कुमार अमर, नगर आयुक्त, जिला उद्यान पदाधिकारी व कई पदाधिकारी थे। अपने आवासीय क्षेत्र से जल निकासी के लिए एसपी जितेन्द्र राणा ने घंटे भर जल निकासी के लिए हो रहे कसरत को देखा व समझा। राजगीर-बख्तियारपुर रेलखंड में रहुई व सोहसराय के समीप बाढ़ का पानी पटरी को छूने को है। इसी तरह बिहार को झारखंड से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाढ़ का पानी चढ़ने का खतरा बढ़ गया है। बिहारशरीफ-परबलपुर-एकंगरसराय मार्ग में देवी सराय के समीप बाढ़ का पानी चढ़ गया है। कुछ ऐसा ही हाल बिहारशरीफ-राजगीर मार्ग में है। बिहारशरीफ टेलीफोन एक्सचेंज एवं देवी सराय प्रखंड कार्यालय, बिजली आफिस सहित कई सरकारी विभागों में कार्य प्रभावित है। टेलीफोन सेवा भी बाधित हुई है। शहर के अधिकांश इलाके जलमग्न हैं। गली-मुहल्ले से लेकर प्रमुख मार्ग जलमग्न हैं। कई मार्गो को लोग जैसे-तैसे पार कर रहे हैं। इधर जिलाधिकारी ने बाढ़ व जलजमाव को लेकर वरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक कर हालत का जायजा लिया है। नगर निगम क्षेत्र में जलजमाव के लिए डीएम ने निगम के प्रशासन को दोषी ठहराया है और कहा है कि बरसात के पूर्व नाले की सफाई नहीं की गयी है। इधर नदियों में आये उफान से सैकड़ों हेक्टेयर में लगे फसल की बर्बादी हुई है।
-- दिलीप कुमार गुप्ता

भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्नामय हुआ नालन्दा



बिहारशरीफः गांधीवादी अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार के मुहिम को पहले से जनसमर्थन मिल रहा था। जब अन्ना की गिरफ्तारी की खबर फैली तो नालंदा में आंदोलन की शुरुआत हो गयी। सिविल सोसायटी ने श्रम कल्याण केन्द्र के मैदान में धरना दिया। इस कार्यक्रम में काफी संख्या में बुद्धिजीवी, युवा, बच्चों ने भाग लिया। शाम में सिविल सोसायटी के लोगों ने हरदेव चौक पर कैंडिल जलाकर विरोध दर्ज किया। इस कार्यक्रम में आई.एम.ए. के अध्यक्ष सियाशरण प्रसाद, डा. अरविंद कुमार, डा. अश्रि्वनी कुमार, डा. अशोक कुमार, सुनील कुमार, रणजीत सिंह, जगलाल चौधरी, प्रो. रामकृष्ण परमहंस, परमेश्वर महतो, महेन्द्र कुमार विकल, अरुण सैनी के अलावा कई लोग उपस्थित थे। नालंदा जिला जदयू के कार्यकर्ताओं ने विरोध मार्चा निकालकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस मार्च में प्रदेश जदयू के महासचिव डा. विपिन कुमार यादव, प्रो. अशोक कुमार सिंह, जदयू के उपाध्यक्ष सह प्रवक्ता संजय कांत सिन्हा, डिप्टी मेयर नदीम जफर उर्फ गुलरेज, नगर अध्यक्ष बाबर मलिक, रियाजुल हक, अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के विपिन चन्द्रवंशी, ओम प्रकाश चौटाला, भागीरथ चन्द्रवंशी, प्रदुमन कुमार के अलावा कई लोग मौजूद थे। माले ने स्थानीय हास्पिटल मोड़ पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का पुतला फूंका। इस मौके पर माले नेता पवन शर्मा, सुरेन्द्र राम, मकसुदन शर्मा, उमेश पासवान, पाल बिहारी लाल, अनिल पटेल, मनमोहन, राज किशोर शर्मा, सिंहासन देवी एवं किशोर कुमार उपस्थित थे। छात्र जदयू ने अन्ना हजारे के गिरफ्तारी के विरोध में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का देवी सराय चौक पर पुतला फूंका। इस मौके पर उपाध्यक्ष जयंत कुमार, अविनाश कुमार, रोहित कुमार के अलावा कई लोग उपस्थित थे। जदयू के उपाध्यक्ष संजय कुशवाहा, चैम्बर आफ कामर्स के अनिल अकेला, बीड़ी मजदूर कल्याण संघर्ष समिति मोर्चा के मो. जाहिद ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अन्ना की गिरफ्तारी का विरोध किया है। पातंजलि योग समिति के सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन करने का दावा करते हुए एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा है।

 -दिलीप कुमार गुप्ता

सोमवार, 8 अगस्त 2011

बदल रही है दोस्ती की परिभाषा

दिलीप कुमार गुप्ता
बात अगर दोस्ती की हो और हम प्रेमचंद की कहानी के पात्र अलगू चौधरी व जुम्मन मियां की बात न करें ऐसा हो ही नहीं सकता। ठीक वैसे ही जैसे बिहारशरीफ की बात हो और बाबा मख्दुम साहब व मणिराम की दोस्ती की मिसाल न पेश हो ऐसा हो ही नहीं सकता। चाहे महाभारत काल के कृष्ण सुदामा की दोस्ती की बात हो या फिल्म शोले के जय-वीरू की, दोस्ती हर मायने में काफी खास है। आज फ्रेंडशीप डे है और पूरे देश में इसे काफी धूमधाम से मनाया जाता है। दोस्तों के बीच ग्रिटिंग्श कार्ड व उपहार देने का एक चलन सा बन गया है। हर कोई इस दिन को अपने दोस्तों के लिए खास बनाना चाहता है। एक नये अंदाज में, एक नये माहौल में, लेकिन वर्तमान में दोस्ती जैसे पवित्र रिश्तों की डोर लोगों के हाथ से छुटती जा रही है। जिसकी जगह मतलबी, स्वार्थ से भरी अपेक्षाओं ने ले ली है। पहले की दोस्ती बिना स्वार्थ, बिना किसी उम्मीद के की जाती थी। अपने समय को याद करते हुए कमरूद्दीनगंज निवासी रंजीत कुमार सिंह बताते हैं कि पहले की दोस्ती अद्भुत होती थी। लोग भले-बुरे का फर्क समझते थे। दोस्त अपने दोस्तों को सही रास्ते पर चलने के लिए प्रेरणा देते थे। सुख-दुख के साथी होते थे, दोस्तों के बीच विश्वास व प्रेम था, मगर आज की दोस्ती काफी मतलबी है। लव से ज्यादा दोस्ती में व्यस्त है।
दोस्ती काफी अनमोल है डिम्पल को कहना है कि
एंग्लो मेनिया स्पोकेन सेंटर की छात्रा डिम्पल की माने तो दोस्ती उसके जीव का हिस्सा है। बिना दोस्त के जीवन अधूरा है। अच्छी, बुरी सभी मेमरी आप दोस्तों से शेयर कर सकते हैं।
सोच समझ कर दोस्ती करें आज जो माहौल है, दोस्त-दोस्त की हत्या कर रहा है। अपराध में दोस्तों को धकेल रहा है। गलत चीजों के लिए प्रेरित कर रहा है। ऐसे में दोस्त वो भी अच्छा व सच्चा बनाना काफी बड़ी चुनौती है। इसलिए सोच-समझकर दोस्ती करें।
दोस्ती से पवित्र रिश्ता कुछ हैं ही नहीं।भैंसासुर निवासी तुलसी की मानें तो दोस्ती से अच्छा व पवित्र रिश्ता कुछ हो ही नहीं सकता। लोग कहते हैं कि लड़के-लड़की कभी अच्छे दोस्त नहीं होते। जरूरत है मानसिकता को सही करने की।

रविवार, 7 अगस्त 2011

कृषि मंत्री ने किया जैविक गांव सोहडीह का दौरा

कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह बिहारशरीफ प्रखण्ड के जैविक गांव सोहडीह पहुंचे और वहां जिला बागवानी मिशन के अनुदान से बन रहे प्याज भंडारण केन्द्र व किसानों के लिए बने चौपाल को देखा। मंत्री किसानों से उनके द्वारा की जा रही जैविक विधि से गोभी की खेती के बारे में जानकारी ली। उन्होंने वर्मी बेड में तैयार किये जा रहे वर्मी कम्पोस्ट के बारे में जानकारी जिला कृषि पदाधिकारी सुदामा महतो एवं जिला उद्यान पदा. देव नारायण महतो से ली। मंत्री नरेन्द्र सिंह ने कहा कि जैविक खेती वक्त की मांग है। रसायन से कई नई-नई बीमारियां सामने आ रही हैं। उन्होंने अपने बचपन के बारे में कहा कि पहले जब खेतों में गोबर की खाद डाली जाती थी तब कभी नहीं गैस, डाइबिटीज व हर्ट अटैक जैसी बीमारियों के बारे में सुनने को मिलता था। सभी बीमारियों की जननी रसायन का अधिकाय खेतों में प्रयोग से हुआ है। इस मौके पर उनके साथ कृषि निदेशक व अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। (दिलीप कुमार गुप्ता)

 

गुरुवार, 4 अगस्त 2011

बढ़ता जा रहा है सरकारी अनाज घोटाला का दायरा


@दिलीप कुमार गुप्ता
बिहारशरीफ: अनाज घोटाला मामले में जांच का दायरा बढ़ता ही जा रहा है। जिलाधिकारी जय सिंह स्वयं जांच रिपोर्ट का अध्ययन कर रिपोर्ट में खामियां निकालकर कमजोर कड़ी जोड़ने के अभियान में जुट गये हैं।
इधर एसपी जितेन्द्र राणा भी अनाज घोटाले से संबंधित दर्ज प्राथमिकी पर तेजी से काम करना शुरू कर दिया है। नामजद अभियुक्त वेयर हाउस के पूर्व प्रभारी अवधेश सिंह की गिरफ्तारी के आदेश के बाद पुलिस को अनुसंधान के दौरान अनाज घोटाले में मिलर व वर्तमान व पूर्व के ट्रांसपोर्टर की भूमिका संदेह के घेरे में है। 
वकौल एसपी अनाज घोटाले में लिप्त लोक सेवक व लोगों को सामने लाया जायेगा। इधर जिलाधिकारी के निर्देश पर बुधवार को एसडीओ अमरेश कुमार अमर, डीएसओ अरशद अजीज, शहरी क्षेत्र के एम.ओ. उमेश चन्द्र, उपाध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों ने एफ.सी.आई. एवं वेयर हाउस का रुख कर कई बिन्दुओं पर जांच की। जांच दल एक-एक कड़ी को जोड़ रही है। किस एजेंसी का क्या कर्तव्य था और उस एजेंसी ने अपने कर्तव्यों का निर्वह्न किया कि नहीं इसकी सघन जांच हो रही है। मिलर पर शिकंजा कसने को अग्रसर पुलिस अपने अगले कदम की ओर भी बढ़ना शुरू कर दिया है।
एसपी ने संकेत दिया है कि अगले तीन-चार दिन में डीपो के पूर्व प्रभारी अवधेश सिंह पर मुकदमा दर्ज कराने वाले राज्य भंडार निगम (पटना) के सहायक अधीक्षक व एस.एफ.सी. के प्रबंधक से पुन: पूछताछ होगी। इन पर समय रहते मुकदमा दर्ज नहीं कराने एवं जवाबदेही का निर्वहन नहीं करने का आरोप है। बहरहाल अनाज घोटाला में हर दिन कुछ न कुछ नया मिल रहा है।

नालंदा के हरनौत में मुखिया पर गोलियों की बौछार


@दिलीप कुमार गुप्ता
बिहारशरीफ,हरनौत थाना क्षेत्र के हरनौत-सकसोहरा मार्ग में अली नगर गांव के समीप बुधवार को गोनामां पंचायत के मुखिया राजीव रंजन सिंह को अपराधियों ने गोलियों की बौछार कर दी। इस गोलीबारी में मुखिया के सहयोगी गोपाल सिंह भी जख्मी हैं। मुखिया की हालत चिंताजनक बनी हुई है। उन्हें पी.एम.सी.एच. भेजा गया है। गोपाल सिंह खतरे से बाहर हैं। 
घटना तब घटी जब मुखिया श्री सिंह अपने सहयोगी गोपाल के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर अपने गांव लौट रहे थे। इस बीच अली नगर गांव के समीप पूर्व से घात लगाये अपराधियों ने मुखिया पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। मुखिया को जबड़ा, गला एवं पैर में गोली लगी है। सहयोगी को पैर में ही गोली लगी है। जख्मी मुखिया पेशे से वकील थे और लम्बे समय से जदयू से जुडे़ रहे थे। इस मामले में पंचायत के पूर्व मुखिया लुसी सिंह सहित अन्य को अभियुक्त बनाया गया है। डीएसपी राजेश कुमार ने नामजद अभियुक्तों में से दो को गिरफ्तार करने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि अपराधी सूमो पर सवार थे। जख्मी गोपाल सिंह ने बताया कि फायरिंग काफी प्रभावशाली थी। फायरिंग स्वचालित हथियार से की गयी। 
सूत्रों की मानें तो नामजद  अभियुक्त लुसी सिंह को बाहुबली विधायक का संरक्षण प्राप्त है। एसपी जितेन्द्र राणा ने मौके पर पहुंचकर मामले की छानबीन की है। इधर जदयू के जिला प्रवक्ता संजय कांत सिन्हा ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि इसकी जितनी भी निंदा की जाये कम होगी। जख्मी मुखिया के परिजनों की मानें तो मुखिया श्री सिंह ने अपनी सुरक्षा के लिए बाडीगार्ड उपलब्ध कराने के लिए डीएम से गुहार लगायी थी।

मंगलवार, 2 अगस्त 2011

हरनौत रेल कारखाना का निर्माण अंतिम चरण में

दिलीप कुमार गुप्ता


बिहारशरीफः हरनौत रेल कारखाना का निर्माण अंतिम चरण में है। वहां व्हिल टर्निग का ट्रायल शुरू हो चुका है और बोगी का ट्रायल तीन माह में प्रारंभ हो जाएगा। ट्रायल के लिए पूर्व मध्य रेलवे ने वहां करीब दो दजर्न बोगियां भेजी है. 
रेलकर्मियों को कारखाना के संचालन की तकनीक का विशेष प्रशिक्षण पश्चिम बंगाल के लिलुआ (कोलकाता) के निकट चल रहा है। कर्मियों की एक टीम प्रशिक्षण पाकर वापस भी आ चुकी है। इस समय पूर्व मध्य रेलवे के पास तकरीबन 3000 बोगियां हैं और इनमें से 15 फीसदी से अधिक को हर वर्ष मेन्टेनेंस की जरूरत पड़ती है। इन्हें जरूरत के हिसाब से मेन्टेनेंस के लिए पश्चिम बंगाल के लिलुआ और उत्तर प्रदेश के गोरखपुर भेजा जाता है। हालांकि पैसेन्जर ट्रेनों की बोगियों का मेन्टेनेंस डिविजन में ही हो जाता है। मेल-एक्सप्रेस बोगियों को राज्य से बाहर भेजना पड़ता है।
    137 एकड़ में निर्मित बिहार के इस पहले कोच मेन्टेनेंस फैक्ट्री का शिलान्यास तत्कालीन रेलमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर तत्कालीन राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने 30 जून 2003 को किया था। हालांकि इसके निर्माण की गति बेहद धीमी रही। हरनौत वर्कशाप पूरी तरह कम्प्यूटराइज्ड होगा और यहां विश्व की अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल होगा। सिर्फ वर्कशाप पर ही पांच करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि खर्च हो रही है। 
रेल डिब्बों का मेन्टेनेंस दो स्तरों पर:
पहला: नौ माह पर
दूसरा:18 माह पर
क्या होगा:
हर साल 600 डिब्बों का मेन्टेनेंस
कोचों का बॉडी, व्हिल, बोगी वर्कशाप
इस समय मेन्टेनेंस होता है:
लिलुआ (कोलकाता, प. बंगाल) में
दानापुर, मुगलराय व धनबाद रेल मंडल के डिब्बों का
गोरखपुर (यूपी) में
सोनपुर व समस्तीपुर मंडल के डिब्बों का
हरनौत रेल कारखाना की खास बातें-
वर्ष 2003 में शिलान्यास
2006 में बनकर होना था तैयार
निर्धारित समय से पांच वर्ष पीछे
98 करोड़ का प्रारंभिक बजट
225 करोड़ रुपए का वर्तमान बजट
300 करोड़ रुपए से अधिक खर्च का अनुमान
137 एकड़ में होगी फैक्ट्री
33 एकड़ में स्टाफ क्वार्टर
इसमें होंगे लगभग 600 स्टाफ 
लगभग 10 हजार अप्रत्यक्ष रोजगार
 "फैक्ट्री निर्माण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। शीघ्र ही इसका ट्रायल शुरू होगा। इसके बन जाने से पूर्व मध्य रेलवे को बड़ी सुविधा होगी"   -ए.के. चन्द्रा, चीफ इंजीनियर (यांत्रिक), पूर्व मध्य रेलवे

बिहारशरीफ में गंदगी से लोगों को जीना मुश्किल,प्रशासन लापरवाह

दिलीप कुमार गुप्ता 
बिहारशरीफ :कचरे की ढेर व नाले की बजबजाती गंदगी के बीच लोगों को रहना नियति बन गयी है। सफाई के नाम पर नगर निगम प्रशासन सिर्फ खानापूरी कर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। शहर के सालूगंज, पुलपर सब्जी बाजार, कटरा पर, महलपर, बिचली खंदक आदि स्थानों पर कचरे का ढेर इस कदर लगा है कि वहां पर रहने वाले लोग किसी संक्रमण बीमारी की चिंता से सहमें हैं। वहीं वहां से गुजरने वाले लोगों को नाक व मुंह पर रूमाल रखने के सिवा दूसरा कोई विकल्प नहीं है।
 हैरानी इस बात की है कि आये दिन अखबारों के माध्यम से नगर निगम प्रशासन को सफाई के प्रति ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की जा रही है लेकिन पदाधिकारी मैन पावर व संसाधनों की कमी बता कर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। खैर मानें की श्रावण मास की आधी माह समाप्ति के बावजूद बरसात ने अभी तक पूरी तरह से दस्तक नहीं दी है। यदि नियमित रूप से तीन-चार दिन बारिश हो गयी तो शहर की स्थिति क्या होगी इसकी कल्पना करना मुश्किल है। बहरहाल यदि सफाई व्यवस्था के प्रति नगर निगम गंभीर नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में यहां के लोग गंभीर बीमारी की चपेट में होगी जिसकी सारी जवाबदेही नगर प्रशासन पर होगी।
  एक दिन के बारिश ने नगर निगम की सफाई व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। शहर के अधिकांश सड़कें व मोहल्लों में नाले का पानी सड़कों पर पसर गया है। सुंदरगढ़ मोहल्ला में जल-जमाव से लोगों का आना-जाना मुश्किल हो गया है। वहीं कटरा पर के मैन सड़क पर बजबजाते नाले के भरने के बाद सड़कों पर कचरा पसर गया है जिसके कारण वहां रहने वाले लोगों का जीवन नरक बन गया है। लोग सड़क पर जमे कचरे व जल-जमाव के कारण किसी संक्रमण बीमारी से भयभीत है। इधर नगर निगम प्रशासन को बरसात से पूर्व नाले की सफाई कराने को लेकर कई बार गुहार लगायी गयी लेकिन निगम की ओर से सफाई का काम नहीं कराया गया। परिणाम स्वरूप गंदगी व जल-जमाव के बीच जीवन बसर करना लोगों की नियति बन गयी है। पिछले दिनों हुई घंटे भर की बारिश के बाद पुलपर का मेन चौराहा, महलपर, रामचन्द्रपुर का बस अड्डा का स्थिति नरक में तब्दील हो गया है। स्थिति ऐसी की कीचड़ के सडांस से लोगों का जीना दुश्वार हो गया है।