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शुक्रवार, 19 अगस्त 2011

नालंदा जिले में नहीं थम रहा खाद्यान्न घोटाले का दौर

84 हजार क्विंटल खाद्यान्न डीलरों के पास रह गये बाकी
बिहारशरीफ (नालंदा) : जिले में खाद्यान्न घोटाले से जुड़े मामलों के उजागर होने का जो सिलसिला पिछले दिनों शुरू हुआ था, वह थमने का नाम नहीं ले रहा है. इसी कड़ी में एक और बड़ा मामला प्रकाश में आया है. हाल में मनरेगा की विशेष ऑडिट के दौरान यह तथ्य उभर कर आया कि संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के तहत मजदूरी के रूप में वितरण के लिए दिये गये 84 हजार क्विंटल अनाज डीलरों के पास ही बाकी रह गये. इस अनाज की वसूली के लिए न ही सरकारी स्तर पर कोई प्रयास किया गया और न ही डीलरों ने इसे वापस लौटाया.
ऑडिट रिपोर्ट के बाद नींद से जागी सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन खाद्यान्न की कीमत एकमुश्त जमा कराने के लिए बकायेदार 245 डीलरों को बकाया अनाज की कीमत 1370 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से एक सप्ताह के अंदर जमा कराने का आदेश दिया. जिले के कुल 303 में से 245 डीलरों के पास अवशेष खाद्यान्न बाकी है. इनमें से 57 डीलरों के पास चार लाख रुपये से अधिक के बकाया का आकलन किया गया है.
वर्ष 2002-03 से 2006-07 के बीच संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के तहत मजदूरों के बीच मजदूरी के एवज खाद्यान्न देने के लिए डीलरों को उक्त अनाज उपलब्ध कराया गया था. 2006-07 में इस योजना को बदल कर राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना कर दिया गया तथा अनाज की जगह पूरी मजदूरी नगद भुगतान करने का प्रावधान किया गया. इसके बाद से डीलरों के पास अवशेष खाद्यान्न बाकी रह गये.
हाइकोर्ट ने दी डीलरों को राहत खाद्यान्न की कीमत डीलरों से सख्ती से वसूलने तथा नोटिस में दी गयी अवधि तक राशि नहीं जमा करानेवालों पर प्राथमिकी दर्ज कराने के प्रशासन के मंसूबे पर हाइकोर्ट ने पानी फेर दिया.
हाइकोर्ट ने कई डीलरों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद आदेश दिया कि डीलरों से दो माह में 1000 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बकाया खाद्यान्न की कुल कीमत का 20 फीसदी राशि जमा कराया जाये. इसके बाद नये सिरे से हाइकोर्ट के आदेश के अनुसार डीलरों को नोटिस भेजे जा रहे हैं।
-दिलीप कुमार गुप्ता

बिहारशरीफ में घुसा पंचाने नदी का पानी,नालंदा जिले में बाढ़ की स्थिति


बिहारशरीफ में लगातार हो रही बारिश से जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पंचाने नदी का पानी शहर के पश्चिमी इलाके में बसे कई मुहल्ले में घुस गया है। वर्षा का पानी जिलाधिकारी, आरक्षी अधीक्षक, एसडीओ, सिविल सर्जन, जिला जज एवं कई वरीय पदाधिकारी के घरों में घुसा है। जिले के लोकाइन, सुढ़ी, भूतही, मुहाने, पैमार, पंचाने, सकरी, गोइठवा एवं जिराइन नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। कई मुहल्ले जलमग्न, सभी नदियां खतरे के निशान से ऊपर डीएम-एसपी आवास में टेहुना भर पानी, पदाधिकारी परेशान रेलवे ट्रैक व राजमार्ग को छूने के लिए उफन रहीं नदियां गुरुवार को डीएम व एसपी के आवास से वर्षा का पानी निकालने के लिए दिनभर मजदूर मशक्कत करते रहे, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। जिलाधिकारी संजय कुमार अग्रवाल ने शहर के बाढ़ प्रभावित कई इलाके का दौरा किया और पदाधिकारियों को कई दिशा-निर्देश दिये। उनके साथ डीडीसी जय सिंह, एसडीओ अमरेश कुमार अमर, नगर आयुक्त, जिला उद्यान पदाधिकारी व कई पदाधिकारी थे। अपने आवासीय क्षेत्र से जल निकासी के लिए एसपी जितेन्द्र राणा ने घंटे भर जल निकासी के लिए हो रहे कसरत को देखा व समझा। राजगीर-बख्तियारपुर रेलखंड में रहुई व सोहसराय के समीप बाढ़ का पानी पटरी को छूने को है। इसी तरह बिहार को झारखंड से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाढ़ का पानी चढ़ने का खतरा बढ़ गया है। बिहारशरीफ-परबलपुर-एकंगरसराय मार्ग में देवी सराय के समीप बाढ़ का पानी चढ़ गया है। कुछ ऐसा ही हाल बिहारशरीफ-राजगीर मार्ग में है। बिहारशरीफ टेलीफोन एक्सचेंज एवं देवी सराय प्रखंड कार्यालय, बिजली आफिस सहित कई सरकारी विभागों में कार्य प्रभावित है। टेलीफोन सेवा भी बाधित हुई है। शहर के अधिकांश इलाके जलमग्न हैं। गली-मुहल्ले से लेकर प्रमुख मार्ग जलमग्न हैं। कई मार्गो को लोग जैसे-तैसे पार कर रहे हैं। इधर जिलाधिकारी ने बाढ़ व जलजमाव को लेकर वरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक कर हालत का जायजा लिया है। नगर निगम क्षेत्र में जलजमाव के लिए डीएम ने निगम के प्रशासन को दोषी ठहराया है और कहा है कि बरसात के पूर्व नाले की सफाई नहीं की गयी है। इधर नदियों में आये उफान से सैकड़ों हेक्टेयर में लगे फसल की बर्बादी हुई है।
-- दिलीप कुमार गुप्ता

गुरुवार, 4 अगस्त 2011

बढ़ता जा रहा है सरकारी अनाज घोटाला का दायरा


@दिलीप कुमार गुप्ता
बिहारशरीफ: अनाज घोटाला मामले में जांच का दायरा बढ़ता ही जा रहा है। जिलाधिकारी जय सिंह स्वयं जांच रिपोर्ट का अध्ययन कर रिपोर्ट में खामियां निकालकर कमजोर कड़ी जोड़ने के अभियान में जुट गये हैं।
इधर एसपी जितेन्द्र राणा भी अनाज घोटाले से संबंधित दर्ज प्राथमिकी पर तेजी से काम करना शुरू कर दिया है। नामजद अभियुक्त वेयर हाउस के पूर्व प्रभारी अवधेश सिंह की गिरफ्तारी के आदेश के बाद पुलिस को अनुसंधान के दौरान अनाज घोटाले में मिलर व वर्तमान व पूर्व के ट्रांसपोर्टर की भूमिका संदेह के घेरे में है। 
वकौल एसपी अनाज घोटाले में लिप्त लोक सेवक व लोगों को सामने लाया जायेगा। इधर जिलाधिकारी के निर्देश पर बुधवार को एसडीओ अमरेश कुमार अमर, डीएसओ अरशद अजीज, शहरी क्षेत्र के एम.ओ. उमेश चन्द्र, उपाध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों ने एफ.सी.आई. एवं वेयर हाउस का रुख कर कई बिन्दुओं पर जांच की। जांच दल एक-एक कड़ी को जोड़ रही है। किस एजेंसी का क्या कर्तव्य था और उस एजेंसी ने अपने कर्तव्यों का निर्वह्न किया कि नहीं इसकी सघन जांच हो रही है। मिलर पर शिकंजा कसने को अग्रसर पुलिस अपने अगले कदम की ओर भी बढ़ना शुरू कर दिया है।
एसपी ने संकेत दिया है कि अगले तीन-चार दिन में डीपो के पूर्व प्रभारी अवधेश सिंह पर मुकदमा दर्ज कराने वाले राज्य भंडार निगम (पटना) के सहायक अधीक्षक व एस.एफ.सी. के प्रबंधक से पुन: पूछताछ होगी। इन पर समय रहते मुकदमा दर्ज नहीं कराने एवं जवाबदेही का निर्वहन नहीं करने का आरोप है। बहरहाल अनाज घोटाला में हर दिन कुछ न कुछ नया मिल रहा है।

मंगलवार, 2 अगस्त 2011

बिहारशरीफ में गंदगी से लोगों को जीना मुश्किल,प्रशासन लापरवाह

दिलीप कुमार गुप्ता 
बिहारशरीफ :कचरे की ढेर व नाले की बजबजाती गंदगी के बीच लोगों को रहना नियति बन गयी है। सफाई के नाम पर नगर निगम प्रशासन सिर्फ खानापूरी कर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। शहर के सालूगंज, पुलपर सब्जी बाजार, कटरा पर, महलपर, बिचली खंदक आदि स्थानों पर कचरे का ढेर इस कदर लगा है कि वहां पर रहने वाले लोग किसी संक्रमण बीमारी की चिंता से सहमें हैं। वहीं वहां से गुजरने वाले लोगों को नाक व मुंह पर रूमाल रखने के सिवा दूसरा कोई विकल्प नहीं है।
 हैरानी इस बात की है कि आये दिन अखबारों के माध्यम से नगर निगम प्रशासन को सफाई के प्रति ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की जा रही है लेकिन पदाधिकारी मैन पावर व संसाधनों की कमी बता कर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। खैर मानें की श्रावण मास की आधी माह समाप्ति के बावजूद बरसात ने अभी तक पूरी तरह से दस्तक नहीं दी है। यदि नियमित रूप से तीन-चार दिन बारिश हो गयी तो शहर की स्थिति क्या होगी इसकी कल्पना करना मुश्किल है। बहरहाल यदि सफाई व्यवस्था के प्रति नगर निगम गंभीर नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में यहां के लोग गंभीर बीमारी की चपेट में होगी जिसकी सारी जवाबदेही नगर प्रशासन पर होगी।
  एक दिन के बारिश ने नगर निगम की सफाई व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। शहर के अधिकांश सड़कें व मोहल्लों में नाले का पानी सड़कों पर पसर गया है। सुंदरगढ़ मोहल्ला में जल-जमाव से लोगों का आना-जाना मुश्किल हो गया है। वहीं कटरा पर के मैन सड़क पर बजबजाते नाले के भरने के बाद सड़कों पर कचरा पसर गया है जिसके कारण वहां रहने वाले लोगों का जीवन नरक बन गया है। लोग सड़क पर जमे कचरे व जल-जमाव के कारण किसी संक्रमण बीमारी से भयभीत है। इधर नगर निगम प्रशासन को बरसात से पूर्व नाले की सफाई कराने को लेकर कई बार गुहार लगायी गयी लेकिन निगम की ओर से सफाई का काम नहीं कराया गया। परिणाम स्वरूप गंदगी व जल-जमाव के बीच जीवन बसर करना लोगों की नियति बन गयी है। पिछले दिनों हुई घंटे भर की बारिश के बाद पुलपर का मेन चौराहा, महलपर, रामचन्द्रपुर का बस अड्डा का स्थिति नरक में तब्दील हो गया है। स्थिति ऐसी की कीचड़ के सडांस से लोगों का जीना दुश्वार हो गया है।