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गुरुवार, 11 अगस्त 2011

राष्ट्रपति ने राजीव गांधी के हत्यारों की दया याचिका खारिज करने में 5 वर्ष लगाए !


राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के तीन हत्यारों की दया याचिकाओं को खारिज कर दिया है। उच्चतम न्यायालय ने वर्ष 2000 में इन हत्यारों को मौत की सजा दिए जाने की पुष्टि की थी।
उच्चतम न्यायालय ने 21 मई 1991 को राजीव गांधी की हत्या के लिए प्रतिबंधित लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) के सदस्यों मुरूगन, संथान, पेरारिवलन और नलिनी को श्रीपेरंबूदूर में मौत की सजा सुनाई था।राष्ट्रपति भवन के एक प्रवक्ता ने कहा कि राष्ट्रपति ने पिछले सप्ताह इन तीनों आरोपियों की दया याचिका को खारिज कर दिया है।उच्चतम न्यायालय ने मुरूगन, संथान और पेरारिवलन की मौत की सजा की पुष्टि कर दी और नलिनी की मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया।इन तीनों पर आपराधिक साजिश रचने और आत्मघाती हमले की साजिश को अंजाम देने का आरोप है। इन तीनों ने उच्चतम न्यायालय की पुष्टि के बाद राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका दायर की थी।गृह मंत्रालय ने 21 जून 2005 को अपनी राय भेजी थी जिसे 23 फरवरी 2011 को समीक्षा के लिए भेजा गया और मंत्रालय ने अपनी राय इस वर्ष आठ मार्च को फिर से राष्ट्रपति को सौंप दिया।इससे पहले राष्ट्रपति ने गृह मंत्रालय की सिफारिश पर पंजाब के देविंदर पाल सिंह भुल्लर और असम के महेंद्र नाथ की दया याचिका को खारिज कर दिया था।

शनिवार, 6 अगस्त 2011

ईटीवी उर्दू के पत्रकार की दिनदहाड़े गोली मार कर दिल्ली में हत्या

उत्तरी पूर्वी दिल्ली के वेलकम इलाके में ईटीवी उर्दू के एक पत्रकार अकरम लतीफ को कुछ बदमाशों ने गोली मार दी। जामिया मिलिया से सन 2003-04 बैच में पत्रकारिता की शिक्षा प्राप्‍त करने वाले अकरम पहले ईटीवी, हैदराबाद मे कार्यरत  थे और कुछ दिनों पहले ही उनका तबादला अमरोहा कर दिया गया था। बताया जा रहा है कि अकरम अमरोहा से सांसद राशिद अल्वी के यहां दिल्ली में होने वाली को इफ्तार पार्टी की कवरेज़ के लिए आए थे, लेकिन जफराबाद रोड पर उन्हें गोली मार दी गई।
हालांकि पुलिस सूत्रों ने कहा है कि शुरुआती जानकारी के अनुसार लूटपाट का विरोध करने पर अकरम को गोली मारी गई है, लेकिन उनके घरवालों ने दावा है कि यह एक साजिश का नतीज़ा है। अकरम के भाई आलम ने मीडिया दरबार को बताया कि उन्हें कई दिनों से धमकी मिल रही थी। आलम के मुताबिक अकरम अमरोहा की बस से उतरने के बाद किसी की  मोटरसाइकिल पर सांसद के यहां जा रहे थे, लेकिन अब न मोटरसाइकिल है न मोटरसाइकिल का मालिक।

गुरुवार, 4 अगस्त 2011

नालंदा के हरनौत में मुखिया पर गोलियों की बौछार


@दिलीप कुमार गुप्ता
बिहारशरीफ,हरनौत थाना क्षेत्र के हरनौत-सकसोहरा मार्ग में अली नगर गांव के समीप बुधवार को गोनामां पंचायत के मुखिया राजीव रंजन सिंह को अपराधियों ने गोलियों की बौछार कर दी। इस गोलीबारी में मुखिया के सहयोगी गोपाल सिंह भी जख्मी हैं। मुखिया की हालत चिंताजनक बनी हुई है। उन्हें पी.एम.सी.एच. भेजा गया है। गोपाल सिंह खतरे से बाहर हैं। 
घटना तब घटी जब मुखिया श्री सिंह अपने सहयोगी गोपाल के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर अपने गांव लौट रहे थे। इस बीच अली नगर गांव के समीप पूर्व से घात लगाये अपराधियों ने मुखिया पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। मुखिया को जबड़ा, गला एवं पैर में गोली लगी है। सहयोगी को पैर में ही गोली लगी है। जख्मी मुखिया पेशे से वकील थे और लम्बे समय से जदयू से जुडे़ रहे थे। इस मामले में पंचायत के पूर्व मुखिया लुसी सिंह सहित अन्य को अभियुक्त बनाया गया है। डीएसपी राजेश कुमार ने नामजद अभियुक्तों में से दो को गिरफ्तार करने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि अपराधी सूमो पर सवार थे। जख्मी गोपाल सिंह ने बताया कि फायरिंग काफी प्रभावशाली थी। फायरिंग स्वचालित हथियार से की गयी। 
सूत्रों की मानें तो नामजद  अभियुक्त लुसी सिंह को बाहुबली विधायक का संरक्षण प्राप्त है। एसपी जितेन्द्र राणा ने मौके पर पहुंचकर मामले की छानबीन की है। इधर जदयू के जिला प्रवक्ता संजय कांत सिन्हा ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि इसकी जितनी भी निंदा की जाये कम होगी। जख्मी मुखिया के परिजनों की मानें तो मुखिया श्री सिंह ने अपनी सुरक्षा के लिए बाडीगार्ड उपलब्ध कराने के लिए डीएम से गुहार लगायी थी।