हिंसा लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
हिंसा लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

गुरुवार, 11 अगस्त 2011

पूंजीवाद के साइड इफेक्ट और अंगार पर खड़ी दुनिया

By: Asif Ali Hashmi
पूँजीवाद ने दुनिया में बड़ी ही खूबी से पैठ बना डाली है, अमीर और अमीर होते जा रहे हैं, गरीब और गरीब होते जा रहे हैं, कहीं किसी देश में मूलभूत सुविधाओं  के लिए आन्दोलन, प्रदर्शन हो रहे हैं, कही बेरोज़गारी और गरीबी के विरोध में, कही भ्रष्ट सिस्टम के खिलाफ, किसानो से ज़मीनें छीनी जा रही हैं, अपने अधिकारों के लिए किसान सड़कों पर उतरते हैं तो गोली मार दी जाती है, लन्दन के दंगे हों, या पुणे में मारे गए किसान...सब कही न कहीं इस पूंजीवादी दैत्य के शिकार हैं!  आज भी किसी भी बाजार या वाद की बात करने से पहले समता की बात करनी जरूरी हो जाती है। दोहन और वितरण की बात जरूरी हो जाती है।...आगे पढ़े

मंगलवार, 9 अगस्त 2011

लंदन में दंगा जारी, अब तक 500 युवक गिरफ्तार

लंदन में हिंसा का दौर तीसरे दिन भी जारी है। रविवार को उत्‍तरी लंदन में पुलिस द्वारा एक व्‍यक्ति की हत्‍या के बाद टोटेनहाम इलाके से भड़की हिंसा ने पूरे लंदन को अपनी चपेट में ले लिया है। यह हिंसा अब एनफील्ड, बिक्सटन, डाल्स्टोन, इसलिंगटन वाल्थमस्तोव इलाकों में भी पहुंच गई है। इस दंगे में अभी तक 500 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जिनमें से 47 के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
रविवार को पुलिस ने टोटेनहाम इलाके में
29 वर्षीय एक शख्‍स मार्क डगन की गोली मारकर हत्‍या कर दी थी। जिससे यह हिंसा शुरू हुई थी। उसके बाद हिंसा इतनी तैज फैली कि पूरे इलाके में आगजनी, लूटपाट और तोड़फोड़ शुरू हो गई। पुलिस ने दंगों में पहले दिन ही 160 लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने इन लोगों को सीसीटीवी कैमरे की मदद से गिरफ्तार किया था।
इस हिंसा में अभी तक
9 पुलिस अधिकारी घायल हो चुके हैं। इसके अलावा दंगे में लगभग 30 लोग भी घायल हो चुके हैं। पुलिस का कहना है कि दंगों में पुलिस को निशाना बनाया जा रहा है। लंदन में लगभग 30 साल बाद इस तरह का कोई दंगा हुआ है। इससे पहले 180 में भी लंदन में जातीय दंगा फैला था। इन दंगों में दंगाईयों ने जमकर लूटपाट की है।